Tuesday, February 17, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. 'हिंदू 3 बच्चे पैदा करें, घर वापसी का काम तेज होना चाहिए', लखनऊ में RSS प्रमुख मोहन भागवत का बयान

'हिंदू 3 बच्चे पैदा करें, घर वापसी का काम तेज होना चाहिए', लखनऊ में RSS प्रमुख मोहन भागवत का बयान

Reported By : Ruchi Kumar Edited By : Subhash Kumar Published : Feb 17, 2026 08:50 pm IST, Updated : Feb 17, 2026 08:52 pm IST

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत मंगलवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में थे। यहां एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि हिंदुओं को 3 बच्चे पैदा करना चाहिए और घर वापसी का काम तेज होना चाहिए।

Mohan bhagwat lucknow- India TV Hindi
Image Source : REPORTER लखनऊ में संघ प्रमुख मोहन भागवत।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने मंगलवार को लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में सामाजिक सद्भाव बैठक को संबोधित किया। इस दौरान मोहन भागवत ने हिंदुओं से तीन बच्चे पैदा करने को कहा। मोहन भागवत ने कहा कि हिंदू समाज को संगठित और सशक्त होने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमको किसी से खतरा नहीं है, लेकिन सावधान रहना है। हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने लालच और जबरदस्ती हो रहे मतांतरण पर रोक लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि घर वापसी का काम तेज होना चाहिए।

'घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करना होगा'

RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि जो लोग हिंदू धर्म में लौटें, उनका ध्यान भी हमें रखना होगा। बढ़ती घुसपैठ पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करना होगा। उन्हें रोजगार नहीं देना है। उन्होंने कहा कि हिंदुओं के कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए। वैज्ञानिकों के हवाले से उन्होंने कहा कि जिस समाज में औसतन तीन से कम बच्चे होते हैं, वह समाज भविष्य में समाप्त हो जाता है। यह बात हमारे परिवारों में नव दंपतियों को बताई जानी चाहिए। डॉ. भागवत ने कहा कि विवाह का उद्देश्य सृष्टि आगे चले, यह होना चाहिए, वासना पूर्ति नहीं। इसी भावना से कर्तव्य बोध आता है।

Mohan bhagwat lucknow

Image Source : REPORTER
लखनऊ में मोहन भागवत का बड़ा बयान।

सद्भाव बढ़ाने की जरूरत- मोहन भागवत

मोहन भागवत ने कहा कि "सद्भाव ना रहने से भेदभाव होता है। हम सभी एक देश, एक मातृभूमि के पुत्र हैं। मनुष्य होने के नाते हम सब एक हैं। एक समय भेद नहीं था, लेकिन समय चक्र के चलते भेदभाव की आदत पड़ गई है, जिसे दूर करना होगा। उन्होंने कहा कि सनातन विचारधारा सद्भाव की विचारधारा है।  जो विरोधी हैं, उन्हें मिटाना है, ऐसा हम नहीं मानते। एक ही सत्य सर्वत्र है। इस दर्शन को समझ कर आचरण में लाने से भेदभाव समाप्त होगा।"

मातृशक्ति परिवार का आधार- मोहन भागवत

मोहन भागवत ने कहा कि "घर-परिवार का आधार मातृशक्ति है। हमारी परंपरा में कमाई का अधिकार पुरुषों को था, लेकिन खर्च कैसे हो, यह मातायें तय करती थी। मातृशक्ति विवाह के बाद दूसरे घर में आकर सभी को अपना बना लेती है। महिला को हमें अबला नहीं मानना है, वह असुर मर्दिनी है। हमने स्त्री की, प्रकृति की जो कल्पना की, वह बलशाली है। महिलाओं को आत्म संरक्षण का प्रशिक्षण होना चाहिए। पश्चिम में महिलाओं का स्तर पत्नी से है, हमारे यहां उन्हें माता माना जाता है। उनका सौंदर्य नहीं, वात्सल्य देखा जाता है।"

कानून सभी को मानना है- मोहन भागवत

मोहन भागवत ने कहा कि "यूजीसी गाइडलाइन को लेकर किए गए एक प्रश्न के उत्तर में सरसंघचालक जी ने कहा कि कानून सभी को मानना चाहिए। यदि कानून गलत है तो बदलने का उपाय भी है। जातियां झगड़े का कारण नहीं बनना चाहिए। समाज में अपनेपन का भाव होगा तो इस तरह की समस्या नहीं होगी। जो नीचे गिरे हैं, उन्हें झुक कर ऊपर उठाना पड़ेगा। सभी अपने हैं, यह भाव मन में होना चाहिए। संघर्ष से नहीं, समन्वय से दुनिया आगे बढ़ती है। एक को दबाकर दूसरे को खड़ा करने का भाव नहीं होना चाहिए।"

Mohan bhagwat lucknow

Image Source : REPORTER
मोहन भागवत ने किया कार्यक्रम को संबोधित।

विश्व का मार्गदर्शन करेगा भारत- मोहन भागवत 

डॉ. भागवत ने कहा कि भारत निकट भविष्य में विश्व को मार्गदर्शन देगा। विश्व की अनेक समस्याओं का समाधान भारत के पास ही है। नियमित हों समाजिक सद्भाव की बैठकने समाज की सज्जन शक्ति का आह्वान करते हुए कहा कि "बस्ती स्तर पर सामाजिक सद्भाव से जुड़ी बैठकें नियमित होनी चाहिए। हम आपस में मिलेंगे तो गलतफहमियां दूर होंगी। इस प्रकार की बैठकों में रूढ़ियों से मुक्त होने पर चर्चा होनी चाहिए। जो समस्याएं सामने आएं, उनको दूर करने का प्रयास होना चाहिए। जो दुर्बल है, उनकी सहायता करना चाहिए।"

विदेशी शक्तियों के प्रति चेताया

मोहन भागवत ने कहा कि "अमेरिका और चीन जैसे देशों में बैठे कुछ लोग हमारी सद्भावना के विरुद्ध योजना बना रहे हैं। इससे हमें सावधान रहना होगा। एक दूसरे के प्रति अविश्वास समाप्त करना होगा। एक दूसरे के दुख दर्द में शामिल होना होगा।"

Mohan bhagwat lucknow

Image Source : REPORTER
कार्यक्रम में कई वर्गों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

कार्यक्रम में सम्मिलित हुए कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि

इस कार्यक्रम में सिक्ख, बौद्ध, जैन समाज के साथ ही रामकृष्ण मिशन, इस्कॉन, जय गुरुदेव, शिव शांति आश्रम, आर्ट ऑफ लिविंग, संत निरंकारी आश्रम, संत कृपाल आश्रम, कबीर मिशन, गोरक्षा पीठ, आर्य समाज, संत रविदास पीठ, दिव्यानंद आश्रम, ब्रह्म विद्या निकेतन, सहित विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।

ये भी पढ़ें- 'भारतवर्ष रहेगा तो दुनिया रहेगी, विश्व को सुख का मार्ग देने का समय आ गया है', RSS प्रमुख मोहन भागवत का बयान

'किसी भी जाति का व्यक्ति बन सकता है संघ प्रमुख,' RSS शताब्दी समारोह में बोले मोहन भागवत

Latest India News

Google पर इंडिया टीवी को अपना पसंदीदा न्यूज सोर्स बनाने के लिए यहां
क्लिक करें

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। National से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें भारत

Advertisement
Advertisement
Advertisement